world war-2

द्वितीय विश्व युद्ध | world war 2 history

                    द्वितीय विश्व यौद्ध की शुरुआत 1 सितंबर 1939 से लेकर 1945 तक  चला था द्वितीय विश्व यौद्ध को globel war  या total war भी कहा जाता है कुछ इतिहास कारो का कहना है की इस यौद्ध का शुरुआत 1929 में ही हो गया था। क्योकि 1937 में ही चाइना और जापान के बीच भयानक यौद्ध हुआ था जिसे sino zapanis war भी कहते हैं। द्वितीय विश्व यौद्ध में लगभग 7 से 8 करोड़ लोग मारे गए जिसमे 3 करोड़ सैनिक और  5  करोड़ आम नागरिक थे। इसीलिए इस यौद्ध को ग्लोबल वॉर या टोटल वॉर भी कहा गया। 

ये यौद्ध भी 2 ग्रुप के बीच लड़ा गया था इन दोनों ग्रुप में अलग अलग देश शामिल थे। एक ग्रुप का नाम ALLIES  POWER और दूसरा ग्रुप का नाम AXIS POWER  था।  

            ALLIES POWER             AXIS POWER 

             uk                                                         GERMANY (NAJI )

            france                                                       ITLY 

            USA                                                        ZAPAN 

             POLAND 

             USSR 

             CHAINA 

              GREECE 

द्वितीय विश्व यौद्ध के समय भारत में ब्रिटिश हुकूमत की शासन थी इसलिए भारत भी ALLIES पावर की तरफ से ही लड़ रहा था वही दूसरी तरफ नेताजी सुभाषचंद्र बोस अपने आज़ाद हिन्द फौज के साथ जर्मनी और जापान के तरफ से लड़ रहे थे। 

द्वितीय विश्व यौद्ध होने का कारण –

1919 में प्रथम में प्रथम विश्व यौद्ध के दौरान जर्मनी को एक  अपमान जनक संधि पर हस्ताक्षर करना पड़ा इस संधि का नाम वर्साय की संधि थी इस सधी के कारन जर्मनी को अपने  हिस्से के कई बड़े हिस्सों से हाथ धोना पड़ा इस ज़मीन को उनके पड़ोसी राज्यों के द्वारा हड़प लिया गया और कई दंड भी इनपर जबदस्ती लाद दिया गया  ये संधि एक सन्ति समझोते के भी लागु किया गया उस वक्त जर्मनी के राष्ट्रपति ने कहा हम इस संधि को  मानेगे। 

जब सन 1937 में जर्मनी की सत्ता हिटलर के हाथों में आया और हिटलर जर्मनी का पूरा कमान अपने लिया और हिटलर अपने खोये हुए ज़मीन को धीरे धीरे वापस करने लगा और उसपर जितनी भी संधिया लागु किया गया था सबको तोडना भी शुरू कर दिया था। उस समय कोई भी देश उसके खिलाफ आवाज़ नहीं उठाया। 

1 सितम्बर 1939 को जर्मनी  पोलैंड पर हमला कर दिया कुछ ही घंटो में  जर्मन के लाखो सैनिक पोलेंड प्रवेश कर गए और करीब एक महीना यौद्ध के बाद जर्मनी ने  पोलैंड पर कब्ज़ा कर लिया। उस वक्त फ्रांस और ब्रिटेन पोलैंड की कोई मदद नहीं कर सके। उसके 6  महीने वाद हिटलर के निशाने पर फ्रांस और ब्रिटेन भी आ गया उधर इटली में दूसरे  तानाशाह मुसोलनी और यूरोप में रोमन साम्राज्य की स्थापना बिस्तार के रूप में सत्ता की  लालसा बढ़ गयी पस्च्मि देसो यूरोप की दुनिया संघर्ष शुरू हो चुके थे इधर जापान दूसरी दुनिया एशिया पर हुकूमत चलाने का तमन्ना पाले था। साम्राज्य अस्थापित करने के लिए जर्मनी इटली जापान ने लड़ाई शुरू कर दी थी। 

   9 अप्रैल1940 को हिटलर ने यूरोपी देश नार्बे पर भी हमला कर दिया जर्मन सेना ने नार्बे पर तो कब्ज़ा कर ही लिया और चाहने वाले डेनमार्क को भी कब्जे में ले लिया। इसके कुछ दिन बाद ही जर्मनी ने बेल्जियम नीदरलैंड लग्ज़म्बर हमले कर के उन्हें जर्मन साम्राज्य का हिस्सा बना लिया। इसी साल पांच जून को हिटलर ने करीब 15 लाख सैनिको को लेकर फ्रांस  हमला कर दिया महज 15 दिन में ही जर्मनी ने फ्रांस को पराजित कर दिया इस तरह जर्मन सेना ब्रिटेन को छोड़कर पुरे यूरोप में अपना अधिपत्य जमा लिया इसके कुछ ही माह बाद जर्मनी ने ब्रिटेन पर भी हमला कर दिया और इन दोनों में घमासान यौद्ध चला। कई महीनो तक यह यौद्ध चला आखिर कार हिटलर को सफलता नहीं मिली और  ब्रिटेन के साथ यौद्ध रोक दिया उसने ब्रिटेंन  से बाद में निपटने का बिचार किया और रूस से बिना किसी कारन का ही यौद्ध का शुरुआत कर दिया यही हिटलर का सबसे गलत फैशला साबित हुआ। हिटलर के पतन की शुरुआत यही से हुआ रूस की सेना के सामने जर्मनी नहीं टिका लाखो नाजी सैनिक मरे गए रूस की सेना ने जर्मन सैनिक को खदेड़ दिया  इसके बाद जर्मनी ने अमेरिका के साथ योध की घोषणा की जबकि अमेरिका और जर्मनी के बिच कोई दुश्मनी थी ही नहीं इसका सबसे बड़ा कारन था जापान जापान ने 7 दिसंबर 1941 को अमेरिका के  पल  हार्वेर पर हमला कर  दिया इसके चार दिन बाद ही हिटलर ने अमेरिका से यौद्ध की शुरुआत कर दिया एशिया में जापान ब्रिटैन के साथ लड़ रहा था जर्मनी को अमेरिका के साथ यौद्ध  करना  बहुत ही घातक साबित हुआ। 

6 जून 1944 को अमेरिका ब्रिटेन तथा अन्य मित्र देशो ने मिलकर अपनी सैनी यूरोप में घुसा दिया जर्मनी पर हमला कर दिया इससे पहले 1944 में ही मित्र राष्ट्रों की सेना ने इटली पर भी कब्ज़ा जमा लिया और वहाँ के तानाशाह मुसोलनी को भी पकड़ लिया कुछ माह यौद्ध चलने के बाद जर्मनी परास्त हो गया जर्मनी ही हार और तानाशाह हिटलर का अंत तय हो चूका था 

30 अप्रैल 1945 को हिटलर ने खुद को गोली मारकर  आत्महत्या कर लिया हिटलर की मौत अब तक भी एक रहस्य बनकर रह गया है। 

हिटलर के अंत के साथ जर्मनी की हार हो गयी और यूरोप में दूसरा विश्व यौद्ध समाप्त हो चुका था लेकिन उसके बाद भी एशिया में यौद्ध जारी ही था जापान ने मित्र देसो की नाक में डैम कर रखा था जापान ने अमेरिका तथा चीन के कुछ आयलैंड पर कब्ज़ा कर लिया था जापान को अमेरिका ने परमाणु हमला की चेताबनी दे दिया लेकिन जापान नहीं माना। 

फिर 6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने हिरोशिमा पर परमाणु बेम फेक दिया जिसमे लगभग 2 लाख लोग मारे गए इसके बाद भी जापान ने अपनी हरकत पर बाज़ नहीं आया और फिर 9 अगस्त को दूसरा परमाणु हमला अमेरिका ने जापान के नागसाखि पर कर दिया इस परमाणु हमले में भी लाखो लोग मारे गए इसके बाद इस महान बिविस्का के साथ दूसरा यौद्ध भी समाप्त हो गया। इसके बाद द्वितीय विश्व यौद्ध समाप्त हो गयी।  

द्वितीय विश्व यौद्ध के परिणाम –

द्वितीय विश्व यौद्ध समाप्त होने के वाद अपराधियों पर वॉर क्राइम कमिसन की अस्थापना की गयी। 

इस यौद्ध में लगभग 5 करोड़ लोग मारे गए और 3 करोड़ सैनिक मारे गए। 

इस यौद्ध के बाद कई देश आज़ाद हो गए। 1947 में भारत आज़ाद हुआ 1949 में चीन और फ़्लिपिन्स में लोकतंत्र की अस्थापना हुयी। 1951 में लीबिया उसके साथ गिनी अल्जियइया वो घाना भी आज़ाद हुए सन 1960 ईस्वी में अमेरिका के 17 देश आज़ाद हुए। 

इसके बाद सम्पूर्ण देश दो बिचारधाराओ में बट गया एक बिचारधारा में अमेरिका पूंजीवादी देशो  का नेतृत्व करने लगा दूसरी बिचारधारा के अंतर्गत रूस के नेतृत्व में साम्यवादी देश थे परिणाम स्वरुप दोने गुटों के बिच शीत यौद्ध होता रहा। और कई बार समझते भी किये गए। 

मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी को कमजोर करने के लिए उसे दो भागो में बिभाजित कर दिया। 

इसके बाद दो महासक्ति बनी एक USA और दूसरा सोबियतसंघ रूस। 

इसके बाद जर्मनी को कमजोर कर दिया गया। 

द्वितीय विश्व यौद्ध के वाद विश्व में सभी देसो में सैनिक गुटों का निर्माण हुआ 

ब्रिटेन बेल्जियम फ्रांस हॉलैंड जैसे कई देश कमजोर हो गए।

द्वितीय विश्व यौद्ध के वाद विश्व के देशो को बचाने  के लिए संयुक्त राष्ट्र  संघ की स्थापना हुयी। 

प्रथम विश्व युद्ध (World War I: Summary, Causes & Facts – HISTORY)

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