john elia shayari poetry(2022)

john elia shayari poetry(2022) जौन एलिया की कुछ बेहतरीन शायरी |

john elia shayari in hindi -इस पोस्ट में जॉन एलिया :के टॉप 20 शायरी शेयर किया गया हमे उम्मीद है की ये आपको ज़रूर पसंद आएगा-john elia shayari poetry -john elia shayari, poetry -john elia shayari on love .john elia shayari poetry –

Jaun Elia Shayari in Hindi

तुम जब आओगी तो खोया हुआ पाओगी मुझे।
मेरे तन्हाई में खवाबो के सिवा कुछ भी नहीं। जान


mere कमरे को सजाने की तमन्ना है तुझे
मेरे कमरे में किताबो के सिवा कुछ भी नहीं।

चारा साजो की चारा साज़िस है
दर्द बदनाम तो नहीं होगा
हाँ दबा दो मगर ये बतला दो
मुझे आराम तो नहीं हुआ।

अब तो जिस दौर भी गुजर जाए
कोई सरार ज़िंदगी से नहीं
उसके गम ने किया सभी को माफ़
कोई सिकवा भी अब किसी से नहीं।

वो है जान अब हर एक में खिलती है
हम भी अब घर से कम निकलते हैं


क्या तक़ल्लुफ़ करे ये कहने पे
जो भी खुश है हम उससे जलते हैं।

वफ़ा इखलास कुर्वानी मोहब्बत
अब इन लफ्जो का पीछा क्यों करे हम
हमारे ही तमना तो करो तुम
तुम्हारे ही तमन्ना क्यों करे हम।

कैसे कहें तुमको भी हमसे है वास्ता कोई
तूने तो हमसे आज़तक कोई गिला नहीं किया।

john elia shayari on love

होक दुस्वार ज़िंदगी अपनी
कितनी आसान हो गयी है

चाँद की पिघली हुयी चांदी ने
आओ कुछ रेंगे सुखन घोलेंगे


तुम नहीं बोलती हो मत बोलो
हम भी अब तुमसे नहीं बोलेंगे।

होके दुस्वार ज़िंदगी अपनी
कितनी आसान हो गयी होगी
बे गिला हु मैं अब बहुत दिन से
वो परेशान हो गयी होगी

मुझे तेरे बगैर चैन कैसे परता है
तझे मेरे बगैर नींद कैसे आती है।

वो जो तमिल होने वाली थी
लग गयी आग उस ईमारत में
ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
दिल नहीं लग रहा मगर अब

मर चूका है दिल मगर जिन्दा हु मैं
जहर जैसी कुछ दबाएं चाहिए


पूछते हैं आप आप अच्छे हैं
जी मैं अच्छा हु दुआएं चाहिए।

कितने ज़ालिम हैं जो ये कहते हैं
तोड़ लो फूल फूल छोडो मत
बागवा तो हम इस ख्याल के हैं
देख लो फूल फूल तोड़ो मत।

वो मिले तो ये पूछना है मुझे
अब भी हूँ मैं तेरी अमान में क्या
यु जो ताकता है आसमान को तू
कोई रहता है आसमान में क्या।


ये मुझे चैन क्यों नहीं पड़ता
एक ही सकस था जहान में क्या।

ए खुदा जो कहि नहीं मौजूद
क्या लिखा है हमारी किस्मत में
ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
दिल नहीं लग रहा मगर अब।

जाने क्या वाक़िया हुआ लोग अपने
क्यों अंदर नहीं रहे आवाद शहरे
दिल में अज़ब मोहल्ले थे
उनमे अक्सर नहीं रहे आवाद।

यु जो ताकता है आसमान को तू
कोई रहता है आसमान में क्या।
ये मुझे चैन क्यों नहीं पड़ता
एक सक्स था जहान में क्या।

john elia best shayari in hindi

वो जो न आनेवाला है न उससे
मुझे मतलव था आने वालो से
क्या मतलव आते होंगे।

यारो कुछ तो हाल सुनाओ उनके
कयामत बाँहों का वो जो सिमटते
होंगे उनमे वो तो मर जाते होंगे।

बस मुझे यु ही एक ख्याल आया
सोचती हो तो सोचती हो क्या।

हम तो आये थे अर्जे मतलव को
एहतराम कर रहे हैं न उठे आँख
का धुँवा की वो अहतराम कर रहे हैं।

इन किताबो ने बड़ा जुल्म किया है मुझपर
इसमें एक रम्ज है जिस रम्ज का मारा हुआ
जैम मुज्दै इसरते अंजाम नहीं पा सकता
ज़िंदगी में कभी आराम नहीं पा सकता।

हो रहा हु मैं किस तरह बर्वाद
देखने वाले हाथ मलते रह जायेंगे
गिला है एक गली से सहरे दिल की
मैं लड़ता फिर रहा हु शहर भर से।

आज एक बात तो बताओ मुझे
ज़िंदगी खाब क्यों दिखाती है
क्या सितम है अब तेरी सूरत
गौर करने पर याद आती है।

जॉन एलिया के मशहूर शेर

उठाकर क्यों न फेके साड़ी चीजें
फकत कमरों में टहला क्यों करें


नहीं दुनिया को जब परवाह हमारी
तो फिर दुनिया की परवाह क्यों करें।

सोचता हु की तेरी याद आखिर अब
रात भर किसको जगाती है


आप एक बात तो बताओ मुझे
ज़िंदगी खाव क्यों दिखाती है।

मेरे अंदर ही अब तू कहि गुम है
किस्से पुछु तेरा निशा जाना


अब भी झीलों में आस्क पड़ते हैं
अब भी नीला है आसमा जाना।

मेरे कमरे का क्या बया की यंहा हु
खून थूका गया सरारत में

वो है जान अब हरेक महफ़िल की
हम भी अब घर से कम निकलते हैं।


क्या तकल्लुफ करे ये कहने में
जो भी खुश है हम उससे जलते हैं।

अब निकल आओ अपने अंदर से।
घर में सामान की ज़रूरत है


आज का दिन भी ऐसे गुजरा
सर से पाँव तक बदन सलामत रहे।

की ठीक है गर्दिसे हालात का सबब
दिल भी मेरा तबाह है हिम्मत भी बस है
सोचती बहुत हो तो ये भी सोचना
मेरी सकल असल में किसकी सकल है।

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